हे भगवान जगन्नाथ थाम लेना मेरा हाथ,

कृपा करना कि मैं भी चलूँ आपके रथ के साथ.

Happy Rath Yatra


गुलाब की महक, फूलों के हार, भक्तो का प्यार और श्रद्धा से, 

खुशियों से बाईट हमारा यह त्यौहार, जगन्नाथ स्वामी की यात्रा 

और अषाढ़ी दूज की बहुत सुभेछा. हैप्पी जगन्नाथ रथ यात्रा !


इस यात्रा में सामिल हो ने के लिए आप सभी लोगो को हमारी 

और से शुभकामनायें. हैप्पी जगन्नाथ रथ यात्रा !


सूरज की किरणे, खुशियों की बहार, चन्दन की खुशबू, 

रेशम का हार, मुबारक हो आपको, भगवन जगन्नाथ का त्यौहार !!!


जगन्नाथ स्वामी की ज्योति से नूर मिलता है सबके दिलो को सुरूर मिलता है जो भी जाता है 

जगन्नाथ स्वामी जी के द्वार कुछ न कुछ जरूर मिलता है. हैप्पी रथ यात्रा 2021 !!!


ये हिन्द झूम उठे गुल चमन में खिल जाएँ,

दुश्मनों के कलेजे नाम सुन के हिल जाएँ,

कोई औकात नहीं चीन-पाक जैसे देशों की

वतन को फिर से जो राणा प्रताप मिल जाएँ.

आगे नदिया पड़ी अपार

घोड़ा कैसे उतरे उस पार,

राणा ने सोचा इस पार

तब तक चेतक था उस पार.

जब-जब तेरी तलवार उठी, तो दुश्मन टोली डोल गयी

फीकी पड़ी दहाड़ शेर की, जब-जब तुने हुंकार भरी

करता हुं नमन मै प्रताप को, जो वीरता का प्रतीक है

तु लोह-पुरुष तु मातॄ-भक्त, तु अखण्डता का प्रतीक है

ये हिन्द झूम उठे गुल चमन में खिल जाएँ

दुश्मनों के कलेजे, नाम सुन के हिल जाएँ

कोई औकात नहीं चीन-पाक जैसे देशों की

वतन को फिर से जो राणा प्रताप मिल जाएँ

था साथी तेरा घोड़ा चेतक, जिस पर तु सवारी करता था

थी तुझमे कोई खास बात, कि अकबर तुझसे डरता था

हे प्रताप मुझे तु शक्ती दे, दुश्मन को मै भी हराऊंगा

मै हु तेरा एक अनुयायी, दुश्मन को मार भगाऊंगा

धन्य हुआ रे राजस्थान,जो जन्म लिया यहां प्रताप ने

धन्य हुआ रे सारा मेवाड़, जहां कदम रखे थे प्रताप ने

सूरज का तेज भी फीका पड़ता था, जब राणा तू अपना मस्तक ऊँचा करता था

थी राणा तुझमें कोई बात निराली इसलिए अकबर भी तुझसे डरता था


इकबाल था बुलंद, उसे धूल कर दिया,

मद जिसका था प्रचंड, सारा दूर कर दिया,

राणा प्रताप एकमात्र, ऐसे वीर थे

अकबर का सब घमंड, जिसने चूर कर दिया.

सबसे बड़ा पाप है अन्याय को सह जाना,

वीरों को शोभा नहीं देता चुप रह जाना.

हर हिन्दुस्तानी को महाराणा प्रताप जैसा बनना चाहिए,

मातृभूमि की सेवा के लिए तन-मन-धन से तैयार रहना चाहिए.

ये हिन्द झूम उठे गुल चमन में खिल जाएँ,

दुश्मनों के कलेजे नाम सुन के हिल जाएँ,

कोई औकात नहीं चीन-पाक जैसे देशों की

वतन को फिर से जो राणा प्रताप मिल जाएँ.

महाराणा प्रताप के शौर्य को शत-शत वंदन हैं,

धन्य है राजस्थान जिसका माटी भी चंदन हैं.