मंदिर की घंटी, पुजा की थाली,

नदी के किनारे सूरज की लाली,

जिंदगी में आए खुशियों की हरियाली

आपको मुबारक हो संक्रांत का त्यौहार।

मंदिर में बजने लगी है घंटियाँ

और सजने लगी है आरती की थाली

सूर्य की रोशन किरणों के साथ

अब तो सुनाई देती है एक ही बोली

मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाए।


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