katrina – why are you staring at me ..?

man – kat miar dagar biya karli ..?

kat– sorry i don’t understand garhwali.

man– kat will you marry me ..?katrina – kamina holu , ullu kapatha teyar kapal phod dyn meen.

मास्टर जी : हाँ रे मंगतू…!!

त्येरा सिर्फ 5 नंबर छन आयां का अर तू फिर भी हेसण लग्युं च….!! किले रे…!!

.

मंगुतु : मासाब… मी त यी बात सोची छुं हेसणु की यी 5 भी कन म ऐन… 🙂

उत्तराखंड में पलायन के लिए


आज से लगभग

बीस -पच्चीस साल पहले की वे औरतें भी ज़िम्मेदार हैं,

जो ज़रा -ज़रा सी बात पर अड़ोसियों -पड़ोसियों को


डायरेक्ट


“तेरि कुड़ि बाँजि होली ” वाली गालियाँ देती थी |

Master:- 2 mein se 2 gye kitne rhe ?

Monu:    Samaj me nahi aya

Master:  Gadwali mein beta teema dui roti chan, tin dui roti khai deen. te ma kya bachi?

Monu:    Bhuji..

एक पहाड़ी ने चीन में चाय की दुकान खोली और उसका नाम रखा: “पहाड़ी टी स्टाल“..।

दुकान ज्यादा दिनों तक नहीं चली,

तो किसी ने सलाह दी कि अगर चीन में तरक्की करनी है तो दुकान का नाम भी चाइनीज में ही रखो।

अब उसकी दुकान अच्छी चल रही है क्योंकि दुकान का नाम रखा है:

“ताती ताती चा फू फू करके पी”

कुमाऊंनी महिला का अपने पति के लिए डरावना स्टेटस….

“मी तुमुकै भौते प्यार करनू पर ध्यान धरिया-

म्यर विश्वास और तुमार भांट एक्के दिन टुटाल

दादी पोती का एक पहाड़ी संवाद.....


गर्मियों की छुट्टियों मा पोती Delhi बिटी की  अपणांं  Tehri gadwal गौं गैई त वख एक दादीन पूछी:


दादी:- हे बबा, तु तैं दिल्ली मा क्य छै करनी,अजकालु?

,

नतेण:- दादी मी नर्सिंग कु कोर्स छौं करनु।


दादी गुस्सा मा:- कनु बिजोक पडी बबा, ए जमाना मुंद, देवी देवतों कु भी कोर्स कर्न लग्यां छन मनखी।


पर हे निर्भेगी, अगर त्वै तै करन कु वास्ता सिर्फ ई कोर्स रैगि छौ त तु कैं काली माता ,भगवती कू कोर्स करदी। नरसिगौं कोर्स किलै पकडी तिन ?......। नरसिंग त सिर्फ बैखु पर आन्दु, जनान्यों पर नि आन्दु..........। 

एक बार एक आदमी चिड़ियाघर में जाता है एक तोते के बाहर लिखा था

” ये हिन्दी , ईंगलिश और गढ़वाली भाषा में बोलने वाला तोता “


आदमी ने इस बात को टेस्ट करने के लिए तोता से पहले ईंगलिश में पूछा – 

” Who are you ” ( हु आर यू ) 

तोता – I am parrot (आई एम पैरॉट )

आदमी – (हिन्दी में) तुम कौन हो ? 

तोता – मै एक तोता हूँ ।

आदमी – (इस बार गढ़वाली में) तुं कु छे रै ??

तोता – मी तयार बुबबा . . . .कमीणा साळा, तेथे मीन दुइ बार बतायल, तेर समझम नी आणि च। सुंगरुक नोनु साला

सासु- ब्वारी रुणि किले छै? ब्वारी- जी क्या मि भैंस जन छौ? सास- न ब्वारी न । ब्वारी- क्या मि कचोर्या छौं? सास- न भै न। ब्वारी- क्या म्यर गिचु उरख्याला जन च? सास- कु बोलणु तेकु इन। ब्वारी-क्या म्यारु नाक पकोड़ा जन च? सास-न बेटी न। ब्वारी-फिर गों वला मी खु किले बुलणा छिन की तू अपड़ी सासु जनि ...

TEACHER-bacho aam ko mango kyu kahte h?? Gadwali Boy-guru ji kan baat knna chaa tum,aam 50rupya kiloo huyaan chan ta unthe mango ni bun to sastu bun.