republic day

ना जियो धर्म के नाम पर,

ना मरों धर्म के नाम पर,

इंसानियत ही है धर्म वतन का,

बस जियो वतन के नाम।


बलिदानों का सपना जब सच हुआ,

देश तभी आजाद हुआ,

आज सलाम करे उन वीरों को,

जिनकी शहादत से ये भारत गणतंत्र हुआ।


अलग है भाषा,

धर्म जात और प्रांत,

पर हम सब का एक है,

गौरव राष्ट्रध्वज तिरंगा श्रेष्ठ।


तिरंगा हमारा है शान-ए-जिंदगी,

वतन परस्ती है वफ़ा-ए-जिंदगी,

देश के लिए मर मिटना कबूल है हमें,

अखण्ड भारत के स्वप्न का जूनून है हमें।


नफरत बुरी है ना पालो इसे,

दिलों में खलिश है निकालो इसे,

न तेरा, न मेरा, न इसका न उसका,

ये सबका वतन है संभालो इसे।


चढ़ गये जो हंसकर सूली,

खाई जिन्होंने सीने पर गोली,

हम उनको प्रणाम करते हैं,

जो मिट गए देश के लिए,

हम उनको सलाम करते हैं।


तिरंगा लहरायेंगे,

भक्ति गीत गुनगुनाएंगे,

वादा करो इस देश को,

दुनिया का सबसे प्यारा देश बनायेंगे।


ऐ मेरे वतन के लोगों तुम खूब लगा लो नारा,

ये शुभ दिन है हम सब का लहरा लो तिरंगा प्यारा,

पर मत भूलो सीमा पर वीरों ने है प्राण गँवाए,

कुछ याद उन्हें भी कर लो जो लौट के घर न आये।


भारत के गणतंत्र का,

सारे जग में मान है,

दशकों से खिल रही,

उसकी अदभुत शान हैं।


तैरना है समुद्र में तेरो,

नदी नालों में क्या रखा हैं,

प्यार करना है तो वतन से करों,

इन बेवफा लोगों में क्या रखा हैं।


कुछ कर गुजरने की गर तमन्ना उठती हो दिल में,

भारत माँ का नाम सजाओ दुनिया की महफिल में।


काँटों में भूल खिलाएं,

इस धरती को स्वर्ग बनायें,

आओ सबको गले लगायें

हम गणतंत्र का पर्व मनाएं।


नफरत करना है बुरी बात,

देश की उन्नति के लिए चाहिए सब का साथ,

न करो तेरा-मेरा ये देश तो है हम सब का।


मै भारत बरस का हरदम अमित सम्मान करता हूँ,

यहाँ की चांदनी मिट्टी का ही गुणगान करता हूँ,

मुझे चिंता नही है स्वर्ग जाकर मोक्ष पाने की,

तिरंगा हो कफ़न मेरा, बस यही अरमान रखता हूँ।