इस तरह चुपचाप से बिताई है ज़िंदगी मैंने,

धड़कन को भी खबर न लगी कि दिल रो रहा है।


मोहब्बत ने हर गम सहना सिखा दिया,

मुस्कुराती #आँखों को बहना सिखा दिया,

अक्सर महफिलों में गूंजती थी आवाज़ हमारी,

ये प्यार है जिसने हमें चुप रहना सिखा दिया।


सपना है आँखों में मगर नींद नहीं है,

दिल तो है जिस्म में मगर धड़कन नहीं है,

कैसे बयाँ करें हम अपना हाल-ए-दिल,

जी तो रहें हैं मगर ये ज़िंदगी नहीं है।


कर ली ना तसल्ली तुमने दिल तोड़कर मेरा,

मैने कहा भी था कुछ नही है इसमे तुम्हारे सिवा।


आँखें थक गई है आसमान को देखते देखते

पर वो तारा नहीं टूटता ,जिसे देखकर तुम्हें मांग लूँ



आज इतने सालों बाद उसने मुझसे कहा कि मैं अपनी ग़लती की माफ़ी माँगती हूँ👩, और मैं रोते हुए सिर्फ़ यही बोल पाया कि प्यार को ग़लती नहीं कहते 😥 !!