ये दिल दिन में कितने चेहरों के बीच रहता है,

लेकिन रात के ख्वाब में सिर्फ तेरा ही चहरा रहता है।

शुभ रात्रि

तेरी यादों में नींद का आना बड़ा मुश्किल हो गया है,

और नींद आ भी जाये तो उस नींद पर भी तेरा पहरा हो गया है।

शुभ रात्रि

तू ये मत समझ तुझ से जुदा होकर हम बहुत चैन से सोतें है, 

रात को तेरी तस्वीर देख कर सारी रात रोते हैं।

शुभ रात्रि

दिल की किताब में गुलाब उनका था,

रात की नींद में ख्वाब उनका था,

हमने उनसे पूछा हमसे कितना प्यार करते हो,

मर जायेगे तुम्हारे बिना ये जबाब उनका था।

शुभ रात्रि

अब तो ये हमारी आँखे भी हमसे सबाल करती हैं,

अब तो बस ख्यालों में ही ये रात कटती है,

जब तक हम आपको गुड नाईट न कह दे,

ये कम्बख्त नींद आने से इंकार करती है।

शुभ रात्रि

जिस तरह चाँद आपको चाँदनी देता है,

और फूल खिल कर खुशबू देता है,

उसी तरह मेरा दिल आपको Good Night कह देता है।

शुभ रात्रि

कितनी दिल नशी ये रात आई है,

आपकी ही मेरे लवो पे बात आई है,

हमने तो बहुत कोशिश की सोने की,

लेकिन फिर मुझे आपकी याद आई है।

शुभ रात्रि

रात हो पर उसमे उजाला करने वाला हो,

दिल हो पर उसमे कोई रहने वाला हो,

वक्त हो पर उसे कोई गुजारने वाला हो,

ख्वाब हो पर उसमे कोई आने वाला हो।

शुभ रात्रि