भारत के जनसागर मे भीम सा कोई तारा नहीं

और बोधिवृक्ष से बढकर पेढ इतना कोई हरा नहीं

मानवता का जो ज्ञान धम्मग्रंथ में लिखा है

वैसा और कोई मजहब के ग्रंथ में भरा नाहीं

हमने देखे है इस देश के नेता मरे इसी देश के लोगो के हाथो

लेकिन मेरा भीमराव आंबेडकर किसी के बंदूक की गोली से मरा नहीं।

Happy Ambedkar Jayanti


आज का दिन है बड़ा महान

बनकर सूरज चमका इक इंसान

कर गये सबके भले का ऐसा काम

बना गये हमारे देश का संविधान

बाबा तेरी कलम के बल हम राज करते है।

तेरी करनी पे बाबा हम नाज करते है।

बदलेगा वक्त ओर जमाना भी।

जय भीम के उदघोष से ये आगाज करते है।

सच्चाई को कभी यारों छोडना नहीं

अपने वादो से मुख कभी मोडना नहीं

जो भूल गये भिम के एहसान को हमेशा

ऐसे मक्कारो से रिशता भुलकर भी जोडना नहीं।

नींद खोयी अपनी बाबा साहेब आपने

हम रोते हों को हंसाया बाबा आपने

कभी न भूलेंगे हम अपने बाबा साहेब को

कहता है जमाना बाबा साहेब आंबेडकर जिनको

भीम जी ने हमे बलवान बना डाला है

हटा ना पाये वो चट्टान बना डाला है

नये युग की हमे पहचान बना डाला है

और हवा के ये झोके को तुफान बना डाला है.।

जब भीम थे चलते तो हजारों दिल मचलते

भीम जब रुकते तो तूफ़ान है रुक जाते

इतने काबिल थे बाबा की कभी इरादा न बदला

बाबा भीम ने तो सारा इतिहास बदल डाला

खाली नाम के यहा पर कितने भगवान हो गये……….

लेकीन एकही भीम के करम से आज हम इन्सान बन गये……….

जिन्हे चलना, संभलना याद न था….

आज धूल से उठकर आसमान बन गये …….

ये मेरे भीम बाबा हमको है बचाया तुमने…..

अरे ठुकराया था उस दुनिया ने…..

तो पहले गले से लगाया तुमने.

गरज उठे गगन सारा,

समुन्दर छोडें आपना की नारा,

हिल जाए जहान सारा,

जब गूंजे “जय भीम” का नारा।

रुतबा मेरे सर को तेरे संविधान से मिला है

ये सम्मान भी मुझे तेरे संविधान से मिला है

औरो को जो मिला है वो मुकदर से मिला है

हमें तो मुकदर भी तेरे संविधान से मिला है

ना ‘जिंदगी’ की खुशी ना ‘मौत’ का गम

जब तक है..दम..”जय भीम” कहेंगे हम….!!!