यदि स्वयं में विश्वास करना  

और अधिक विस्तार से पढाया 

 और अभ्यास कराया  गया होता, 

तो मुझे यकीन है कि बुराइयों  

और दुःख का एक बहुत बड़ा हिस्सा

गायब हो गया होता।


खड़े हो जाओ, हिम्मतवान बनो,

 ताकतवर बन जाओ, 

सब जवाबदारिया अपने सिर पर ओढ़ लो, 

और समझो की अपने नसीब के रचियता आप खुद हो।


जो तुम सोचते हो वो हो जाओगे। 

 यदि तुम खुद को कमजोर सोचते हो, 

तुम कमजोर हो जाओगे ; 

अगर खुद को ताकतवर सोचते हो ,

 तुम ताकतवर हो जाओगे।


स्वतंत्र होने का साहस करो।

 जहाँ तक तुम्हारे विचार जाते हैं  

वहां तक जाने का साहस करो,

 और उन्हें अपने जीवन में उतारने का साहस करो।


अगर धन दूसरों की भलाई करने में मदद करे, 

तो इसका कुछ मूल्य है, अन्यथा,

 ये सिर्फ बुराई का एक ढेर है, 

और इससे जितना जल्दी छुटकारा मिल जाये उतना बेहतर है।

"If a commission by an earthly king is considered a honor, how can a commission by a Heavenly King be considered a sacrifice?"

"In the vast plain to the north I have sometimes seen, in the morning sun, the smoke of a thousand villages where no missionary has ever been" 

"The spirit of Christ is the spirit of missions. The nearer we get to Him, the more intensely missionary we become." 

"I have but one candle of life to burn, and I would rather burn it out in a land filled with darkness than in a land flooded with light"