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नीले अर्श पर नीली घटा छायी है …. 

तेरे करम से बुद्ध की दौलत पायी है….

कोई नही पराया सारे भाई भाई है…

मिल जुलकर रहने मै सबकी भलाई है…

छोड्दो अपना पराया ए जय भिमवालो…

दिल से दिल मिलाने ये भिम जयंती आयी है…

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