ढल रही हैं शबनमी रात हलके हलके

ऐसे मैं ना जाओ सनम , वाला

करोए कल के बिस्तर की सलवटों से

मालूम कर लो की कैसी काटी हैं

हमने रात करवट बदल बदल के

“शुभ दिन “

अज़ीज़ भी वो हैं , नसीब भी वो हैं

दुनिया की भीड़ मैं करीब भी वो हैं

उनके आशीर्वाद से हैं चलती ज़िन्दगी

खुदा भी वो हैं और तकदीर भी वो हैं

“शुभ दिन “

समन्दर को उसका किनारा मुबारक,

चाँद को सितारा मुबारक,

फूलों को उसकी खुशबू मुबारक

आपको और आपके पूरे परिवार को

ईद ए मिलाद उन नबी मुबारक

आज के दिन क्या घटा छाई है,

चारों ओर खुशियों की क्या फिजा छाई है,

हर कोई कर रहा है सजदा खुदा की

तुम भी कर लो बन्दगी आज ईद-ए-मिलाद-उन-नबी आई है.

ज़िन्दगी का हर पल खुशियों से कम न हो

आप का हर दिन ईद के दिन से कम न हो

ऐसा ईद का दिन आपको नसीब हो

ईद ए मिलाद उन नबी मुबारक हो…

आप को जश्न-ए-ईद-मिलाद-उन-नबी मुबारक हो;

अल्लाह ताल्लाह हम सब को सीधी राह पर

चलने की तौफ़ीक़ अता फ़रमायें।

ईद-ए-मिलाद-उन-नबी मुबारक हो!