*मार्टिन लूथर किंग ने कहा* *”अगर तुम उड़ नहीं सकते तो, दौड़ो !* *अगर तुम दौड़ नहीं सकते तो,…चलो !* *अगर तुम चल नहीं सकते तो,……रेंगो !* *पर आगे बढ़ते रहो !”* तभी एक उत्तराखंडी ने बीड़ी बुझाते हुऐ कहा :- वो सब तो ठीक है, पर . . . . *जाण का छू????**

4 कु चमत्कार हम पहाड़ियों का जीवन मा… . ४ दिने की चांदिना… फिर अँधेरी रात…. . ४ किताब क्या पढलीन…अफ्फु ते बडू लाट साब च समझणु… . ४ पैसा कमोंण पडला… तब पता चलू…. . ४ लोगों का समणी… नाक न कटे हमरी… . ४ लोग यी बात सुणला… त क्या बोल्ला…

न वफ़ा का जिकर होगा, न वफ़ा की बात होगी अब महोब्बत जिससे भी होगी, रोपणियों के बाद होगी

एक लड़का शादी के लिये गांव की सीधी-सादी लड़की देखने गया. लड़की – दाज्यू! तुमार कतुक भै-बैंणि छन लड़का – ऐल तक एक भाया एक बैंणि छ्यां, आब एक बैंणि आजि हैगे.

वैलेंटाइन डे’क दिन, एक स्कूली चेली कैं एक दगड़ी लौंडेल गुलाबौक फूल दी बेर आपुंण प्यारौक इजहार करा, तो वील जबाब दी – चल हट रनकारा… हमौर वेलेंटाइन न्हातिन ये साल… हमरी आमाँ मरि रे..

गढ़वाली भाषा में टेली मार्केटिंग सुरु हुई तो उधर से एक अधेड़ गढ़वाली महिला के मोबाइल पर फोन आया ; टेली मार्केटिंग एक्स्जिक्युटिव: हेलो ! मी वोडा फोन बिटिक छों बोल्णु. अधेड़ महिला: हे निरभैगी कमीना मास्द.. कु छै तू बोल्णु.. कनु बेशर्म छै तू.. त्वे ज़रा भी शरम नी आई कि कन लिजांदु मैं बोड़ाकु फोन उठैकी तै.. बोड़ा यख सुबेर बिटीकी ढूढ़ण पर अर बरणाण पर लग्युं च कि मेरु फोन कैन उठाई. ( (:

रामजी की चिट्ठी सीता ते. मेरी प्यारी सीता तु कन छे ? मेंते तेरी याद ओणी चा ! अच्छा सुण मेरा त्वेते हनुमान बादर मा काफल दिया छान. गिण ले अगर एक भी काफल कम होलू ता वे बांदर पूछड़ी माँ आग लगे दे ! अर वे रावण तै बोली दे क़ि मेर आदमींन तू ख़तम कन सीता मेरी रिफिल खतम होणी चा ! आपरू ध्यान रखी ! ‘ तेरु राम ‘ घनघोर जगल बिटि .

4 कु चमत्कार हम पहाड़ियों का जीवन मा... . ४ दिने की चांदिना... फिर अँधेरी रात.... . ४ किताब क्या पढलीन...अफ्फु ते बडू लाट साब च समझणु... . ४ पैसा कमोंण पडला... तब पता चलू.... . ४ लोगों का समणी... नाक न कटे हमरी... . ४ लोग यी बात सुणला... त क्या बोल्ला...

कभी फूल त, कभी भौरा बणी जौंला... हम त दूर ह्वेक भी साथ निभौला... कभी यखुली म याद त करा हमते... हम घुघूती बणी फुर उड़ी ऐ जौला...

गाडी पर लिफ्ट लेने के बाद कुछ प्रतिक्रियाएं पंजाबी – ओए थेंक्स यारा ! मराठी – लई आभार मित्रा ! बंगाली – खूब – खूब धोन्योबाद ! उत्तराखंडी – तुम रोज यखी भिटिन जांदा भैजी...