कोई शहरी मित्र अगर गढ़वाली में कमेंट करे तो उसपे लोग रिप्लाई करते... “वाह भोत बढ़िया... जय उत्तराखंड” मैं अगर कभी English में कुछ लिखता हूँ तो...!! “अरे भुला त्वे पर भी दिल्ली हवा लगी रे”
यो कमीना दोस्त आई अर ब्वन लगी न भे ब्याली वाली बिजा स्वाणी छे...
मजाक कने भी हद होन्दी यार मी एक नौनी दगड छो बेठ्यूं बड़ी मुश्किल से बात बणाई छे...
One A Boy Kiss A British Gal She Says Kiss Me Hard Wen A Boy Kiss An American Gal She Says Kiss Me Soft N Wen U Kiss A Garhwali Gal She Says KAIMA NI BOLI WAAA........
Master:- 2 mein se 2 gye kitne rhe ? monu: samaj me nahi aya master: gadwali mein beta teema dui roti chan, tin dui roti khai deen. te ma kya bachi? monu: bhuji..
To, The Pradhanacharya Govt. School, Garhwal, Sir, baat inn ccha k school ma dil ni lagdu.,.,Sarri raat neend ni aaundi.,.,. kileki school ma noni ghategi.,..Humari class ma 1 vi ni chh,.,jo hor class ma chhin oh sab idgaa kharab chh.,dekhnuu ku jee ni kardu.,. Nakhra asman kaa chhan.,.Madam v koi khaas pataka nii chha., Hor ni tu kuch 4 kam valiyan he rakh diyan.,., Aap ki bahut mherwani howali.,.,.,. Tumharu aagyakari.,.Student union.ku Neeta
bhai ya sungur(pig) ko byo ya murga dagdi hui.byo ka baad dui ka dui margin. kan marin bhai sungur mari bird flu n aur murga mari swain flu n
दादी-> हे मेरी लाटी, हे मेरी नतेणी बाबा यू वाटस अप क्य व्हाई.? . नतेण–> दादी whatsapp से हम अभी कुछ भी चीज़ दिल्ली,बम्बई भेज सकते हैं ओके… .. दादी–> हे मेरी लाटी तू अभी मितें भेजी दे दिल्ली वाटस अप पर, मिन अपरा नौनियालु मा जांण मेरु किराया बची जालू बाबा .!! . नतेण shoked..दादी rocked.
मंगतून फोन करी अपरी दादी कु । मंगतू- दादी नमस्ते । खूब छै ? दादी- मित ठीक छों नाती । तू कन छै ? मंगतू – दादी मी भी ठीक छों। आजकल घौर फुंड क्या च चलणु ? दादी- नाती यख क्या चलण । यख भी # fogg ही चलणु च रे।
एक बार एक आदमी चिड़ियाघर में जाता है एक तोते के बाहर लिखा था ” ये हिन्दी , ईंगलिश और गढ़वाली भाषा में बोलने वाला तोता “ आदमी ने इस बात को टेस्ट करने के लिए तोता से पहले ईंगलिश में पूछा – ” Who are you ” ( हु आर यू ) तोता – I am parrot (आई एम पैरॉट ) आदमी – (हिन्दी में) तुम कौन हो ? तोता – मै एक तोता हूँ । आदमी – (इस बार गढ़वाली में) तुं कु छे रै ?? तोता – मी तयार बुबबा . . . .कमीणा साळा, तेथे मीन दुइ बार बतायल, तेर समझम नी आणि च। सुंगरुक नोनु साला।।।।