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𝓘 𝓛𝓞𝓥𝓔 𝓨𝓞𝓤 𝓜𝓞𝓡𝓔 𝒯𝓗𝒜𝓝 𝓘 𝓗𝒜𝓥𝓔 𝓔𝓥𝓔𝓡 𝓕𝓞𝓤𝓝𝒟 𝒜 𝓦𝒜𝒴 𝒯𝒪 𝒮𝒜𝒴 𝒯𝒪 𝓨𝓞𝓤
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Itna kisi kò sataya nahi karté Hadd sé zyada kisikò tadpaya nahi karté Jinki saansé chalti hò aap ke lafzòn sé Use apni aawaz kò tarsaya nahi karté
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Chaha Hai Tumhein apane Aramaan se bhi Jyaada, Lagati ho hasin tum muskaan se bhi jyaada, Meri har dhadakan har saans hai Tumhare Liye, Kya maangoge jaan meri jaan se bhi jyaada.
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True love is eternal, infinite and always like itself. It is equal and pure and is always young in the heart.
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:: best love sms collection :: All I Want 2 Do Is Make Love 2 U Everlasting Love Always and Forever
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"You may not be perfect in many things but many things cannot be perfect without YOU" Stay special in your own little way...
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महाभारत कलजुग मा / अनूप सिंह रावत महाभारत, कलजुग मा भी सतत जारी च। शकुनि मामा, नेतों कु अब भेष धारी च।। द्वापर मा लड़ै पांडव - कौरव। अब ये जुग मा, जाति अर धर्म का नौ पर यु, मनिख्यों लड़ाणा। अर सत्ता थैं अफि लग्यां हत्याणा।। द्रौपदी का जनि, अब भारत माँ लगीं च दाँव पर। अर हम पार्ट्यों का पिछिन्यां, नि छौ चिताणा। अर यु चटेळी कि मौज छन उड़ाणा।।
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ब्वाला कब तक / अनूप सिंह रावत वादा करयूं छौ मुलुक कु विकास क़ु, जग्वाल कारली जनता, ब्वाला कब तक? रंगिला- पिंगला, सुपिन्यां देख्यां जु, सुपिन्यां साकार ह्वाला, ब्वाला कब तक? जोड़- जुगन्त कैरि, बहुमत मिलिगे, जनता कु बेड़ा पार, ब्वाला कब तक? योज़ना बणी च, ज्वा कागजों मा, ज़मीन पर पूरी होळी, ब्वाला कब तक? डिग्री-डिप्लोमा, सब कैरी याळ, रोजगार मिळालु, ब्वाला कब तक? फूलमाला पैनी रि...
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पहाड़ मा / अनूप सिंह रावत पहाड़ मा पहाड़ ही रूणा छन. पलायन, बेरोजगारी, की मार देखि. सबसे ज्यादा जू कर्ता छि, जू धर्ता छि, तौं नेतों, अफसरों कु, व्यवहार देखि.. सुखदा पाणी का, मंगर्युं देखि. परदेश बगदा, मनिख्युं देखि. शिक्षा की, गुणवत्ता देखि. हस्पतालों का, खस्ता हाल देखि, उजिडीदी कुड़ी, बांजी पुंगडी देखि.. बंद हुंदा, बाटो देखि. परदेश जांदी, सडिक्यों देखि. आग से फुके...
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बळ मी मतदाता छौं / अनूप सिंह रावत * बळ मी मतदाता छौं.. जणदू छौं मी भी खूब. चुनौ कु बगत च अचगाळ, इलै देवतों जनु पुजेणु छौं... मान मनोबल हुणु च, बातों मा खूब अल्झेणु च. ब्याली तक पिचगाणु छायी, आज ऊ गौल़ा भेंटेणु च... पर मी बातों मा नि आणु छौं.. हाथ, फूल, कुर्सी, सैकल, हाथी, छोटा दल, निर्दल सभ्या साथी. नेता अगने-२, पिछने-२ चमचा, मुंड टोपल़ा, गात पर खादी... सभ्युं थै गौर से देखणु...
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छैंद मौल्यार का / अनूप सिंह रावत * छैंद मौल्यार का, पतझड़ सी हुणु च। आज एक, भोळ हैंकु, पलायन करदु जाणु च।। झणी क्या जी खोजणा छी, झणी क्या पौणा की च आस। पाणी का जना ऊंदरी ब्वग्णा, जाणा की लगि च इखरी सांस।। खेती - पाती अर धाण-काज, अब त बसा कु नि रायी। रट लगि च नौकरी कना की, खैरि खाणा हिकमत नि रायी।। पढ़ै-लिखै कु बानु ख्वज्यों च, जन्मभूमि से नातू तोड़ि याळ। जण चारेक रुप्या ऐगी...
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कतगा बदिलेगे जमानु / अनूप सिंह रावत * कतगा बदिलेगे जमानु आज कतगा बदलाव ऐगे कलयुग ता चा ही पर भारी कलजुग ऐगे.... सुवा बणी चा गर्लफ्रेंड, सौजडया बॉयफ्रेंड ह्वेगे माजी बणी चा मांम, अब बाबाजी डैडी ह्वेगे रंत रैबार छुटी गैनी, अब नयु मोबाइल ऐगे चिठ्ठी झणी कख गायी, अब इन्टरनेट ह्वेगे छंच्या पल्यो बाड़ी गायी, चौमीन बर्गर ऐगे च्या की केतली फुंड, कोफ़ी कोल्ड ड्रिंक ह्वेगे ढोल दमाऊ मशकबीन अब त...
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पहाडा की नारी / अनूप सिंह रावत * ......................................................................................... खैरी दुःख विपदा छन त्वैकू भारी. जनु भी होलू हे हिक्मत ना हारी.. धन धन हे मेरा पहाडा की नारी... भेलू पखाण, डांडी कांठी घासा कु जांदी. स्वामी जी की खुद मा, बाजूबंद लगान्दी. सासु बेटी ब्वारी होली पहाडा घस्यारी.. धन धन हे मेरा पहाडा की नारी... रौली गदिन्युं छ्वाल्या म...
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कै दिन मैना सालों बिटिन / अनूप सिंह रावत * ............................................................................................................. कै दिन मैना सालों बिटिन अपडा मैत्या मुल्क नि गायी धारा मंगरूं, बांजा जड्यूं कु ठंडो मीठो पाणी नि प्यायी... कनि होली व मेरी कुड़ी पूंगुडी मेरी छन्नी छज्जा तिबारी जौं बाटों मा हिटणु सीखू कब हिटलू ऊमा फिर सरासारी.. झणी कब बिटि नि देखि मिन च...
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अबकी बार जब मी गयुं घार / अनूप सिंह रावत * ........................................................................................................... अबकी बार जब मी गयुं घार कुछ सूनु सी लगी मिथे गौं गुठ्यार खाली - खाली छै मेरी छज्जा तिबार जब नजर फेरी मिन वार प्वार तबरी पल्या खोला की बोडी दिखे ग्यायी मिथे गैल्यो हफार पूछी मिन किले हे बोडी छन यु गौं गुठ्यार खाली - खाली बोडी बोली यनी छ...
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स्कुल्या दिन / अनूप सिंह रावत * ................................................................................................... स्कुल्या दिन याद औणा छन बालापन छौ जब मयालु छौ मन, अर कुंगुलू गात बिंगोणु छु मी वा बात... पैली बार गयुं जब भैजी का दगडी पाटी ब्वल्ख्या लेकी गौं का स्कूल मा दादा गैनी दाखिला कु सर्या गौं मा भेली बंटे... जाण दा उंदार छै आण दा छै उकाळ सुबेर-२ नै ड्रेस...
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ब्याली तक जु निवासी छाई / अनूप सिंह रावत * .................................................................................................... ब्याली तक जु निवासी छाई, उ आज प्रवासी ह्वेगे। जल्मभूमि छोड़ी की उ, बिरणों का यख चलिगे।। हिटणु क्या जी सीख योन, सभ्या दौड़ी गैना। बचपन अपडू काटी जख, वै घौर छोड़ी गैना।। ज्वानि की रौंस मा अपडू, बचपन यखी छोडिगे। ब्याली तक जु निवासी छाई, उ आज प्रवासी...
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चकबंदी अब कैरी द्यो / अनूप सिंह रावत * ................................................................................................. कुर्सी मा बैठ्या भैजी, चकबंदी अब कैरी द्यो। गणेश 'गरीब' जी की, बात जरासी सूणी ल्यो।। हूणु पलायन यख बिटि, चकबंदी अब कैरी द्यो। कुर्सी मा बैठ्या भैजी, चकबंदी अब कैरी द्यो।। ऐंसु न भ्वाला साल, सूणी-सूणी थकी ग्यावा। जनमानस की बात थैं, टक्क लगै की सूणी ल्यावा...
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धन्यवाद तेरु रूड़ी / अनूप सिंह रावत * ................................................................................................. धन्यवाद तेरु रूड़ी, त्यारा कारण परदेशी आई. टुप द्वी दिनों कु ही सै, अपड़ी देवभूमि भेंटे ग्याई... धन्यवाद तेरु रूड़ी, बाल बच्चों दगड़ी आई. छुट्यों का बाना ही, अपडू गौं मुलुक देखि ग्याई... धन्यवाद तेरु रूड़ी, ढोग्यां द्वार खोलि ग्याई. चौक तिबारी साफ...
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फागुण देखा ऐग्याई / अनूप सिंह रावत* ......................................................................................................... फागुण देखा ऐग्याई, त्योहार रंगों कु ऐग्याई. स्वर्ग से लेकि धरा तक, स्वाणी बहार ऐग्याई.. रंगी जौंला सभी रंग मा, प्यार खतेणु लगी ग्याई. मुखुड़ी गात रंग्याणा कु, अबीर गुलाल ऐग्याई.. फूलों मा फुलार ऐग्याई, डांडी कांठ्यूं मौल्यार ऐग्याई. चौ तरफों...
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